UP Cabinet Meeting: लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। बैठक के बाद वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने फैसलों की जानकारी दी।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य में ₹10,000 से ₹25,000 मूल्य के स्टांप पत्रों को अवैध घोषित कर दिया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया, जिसका उद्देश्य स्टांप पेपर के उपयोग में पारदर्शिता लाना और ई-स्टांपिंग को बढ़ावा देना है।
उत्तर प्रदेश में अब 10 हजार रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक के स्टांप वैध नहीं माने जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके बाद अब 10 हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक के स्टांप पत्र चलन से बाहर हो जाएंगे। अब इनके स्थान पर ई-स्टाम्प का उपयोग किया जाएगा। हालांकि, अधिसूचना जारी होने से पहले खरीदे गए पत्र 31 मार्च तक वापस किए जा सकेंगे या फिर प्रयोग किए जा सकेंगे।
मुख्य निर्णय:
- ₹10,000 से ₹25,000 मूल्य के स्टांप पत्र अवैध: कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि अब से ₹10,000 से ₹25,000 मूल्य के स्टांप पत्रों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। यह कदम स्टांप पेपर के दुरुपयोग को रोकने और ई-स्टांपिंग प्रणाली को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है।
- ई-स्टांपिंग को बढ़ावा: सरकार का उद्देश्य ई-स्टांपिंग प्रणाली को अधिक सुलभ और लोकप्रिय बनाना है, जिससे स्टांप पेपर की खरीद और उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
- किसानों के लिए राहत: कैबिनेट ने किसानों को राहत प्रदान करते हुए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में ₹150 प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। पहले यह मूल्य ₹2,275 प्रति क्विंटल था, जिसे अब बढ़ाकर ₹2,425 प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
- मेडिकल कॉलेज की स्थापना: बलिया में स्वतंत्रता सेनानी चित्तू पांडेय के नाम पर एक नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए जेल की 14 एकड़ भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित की जाएगी।
- स्मार्ट सिटी परियोजना का विस्तार: प्रदेश के सात नगर निगमों में स्मार्ट सिटी परियोजना को अगले दो वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है। इनमें गाजियाबाद, मेरठ, फिरोजाबाद, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, शाहजहांपुर और गोरखपुर शामिल हैं।
सरकारी तर्क:
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि उच्च मूल्य के स्टांप पेपरों के दुरुपयोग की संभावना अधिक होती है। इसलिए, इनको चलन से बाहर करना आवश्यक था। इसके अलावा, ई-स्टांपिंग प्रणाली को अपनाने से प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी।
प्रभाव:
इस निर्णय से राज्य के कोषागार में लगभग ₹5,600 करोड़ मूल्य के स्टांप पेपर अवैध हो जाएंगे। हालांकि, यह कदम दीर्घकालिक रूप से राजस्व में वृद्धि और भ्रष्टाचार में कमी लाने में सहायक होगा।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने ₹10,000 से ₹25,000 मूल्य के स्टांप पेपरों को अवैध घोषित किया, ई-स्टांपिंग को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए, किसानों के लिए गेहूं के समर्थन मूल्य में वृद्धि की, और बलिया में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी दी।