अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड इस समय भारत के दौरे पर हैं। सोमवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों की मुलाकात भारत द्वारा खालिस्तानी आतंकवाद का मुद्दा अमेरिका को बताने के कुछ घंटों बाद हुई। इससे पहले एक इंटरव्यू में तुलसी गबार्ड ने कहा था कि भारत अमेरिका के बीच सहयोग की कोई सीमा नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 17 मार्च 2025 को नई दिल्ली में अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने तुलसी गबार्ड को हाल ही में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ से लाए गए गंगाजल से भरा एक कलश भेंट किया। महाकुंभ के अवसर पर 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में स्नान किया था, जो भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड इस समय भारत के दौरे पर हैं। सोमवार शाम दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुलसी गबार्ड से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुलसी गबार्ड को उपहार भेंट किया।
इससे पहले तुलसी गबार्ड ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। रक्षा मंत्री के साथ हुई बैठक में भारत ने अमेरिका से खालिस्तानी आतंकी समूह सिख फॉर जस्टिस और इसके संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ कार्रवाई करने का मुद्दा उठाया।
पीएम मोदी ने तुलसी गबार्ड को दिया उपहार
बता दें कि दोनों दिग्गजों ने एक दूसरे को उपहार दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी खुफिया प्रमुख को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से लाया गया गंगा जल से भरा एक कलश भेंट किया। बता दें कि दोनों दो महीने के अंदर दोनों पीएम मोदी और तुलसी गबार्ड की ये दूसरी बैठक है। दोनों के बीच इससे पहले फरवरी में मुलाकात हुई थी।
तुलसी गबार्ड ने इस भेंट के बदले प्रधानमंत्री मोदी को तुलसी की माला उपहार में दी, जो भारतीय संस्कृति के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तुलसी गबार्ड ने आतंकवाद और साइबर सुरक्षा जैसे खतरों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। इसके साथ ही एक मजबूत भारत-अमेरिका साझेदारी के लिए दृष्टिकोण और दिशा निर्धारित की।
इससे पहले, तुलसी गबार्ड ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने अमेरिकी धरती पर सक्रिय खालिस्तानी आतंकवादी समूह सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) और इसके प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ ठोस कार्रवाई की आवश्यकता पर चर्चा की। भारत ने अमेरिकी प्रशासन से इन अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
भारत के दौरे पर आई अमेरिका की नेशनल इंटेलीजेंस की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच मौजूदा रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ बनाने, खास तौर पर अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल व इससे जुड़ी प्रौद्योगिकी को साझा तौर पर विकसित करने के विषय पर गहन विमर्श हुआ।
तुलसी गबार्ड के साथ बैठक के बाद रक्षा मंत्री सिंह ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि अमेरिका की नेशनल इंटेलीजेंस की निदेशक तुलसी गबार्ड के साथ मिलकर काफी खुशी हुई। हमने रक्षा व सूचना क्षेत्र में साझेदारी पर काफी गंभीर बात की ताकि भारत व अमेरिका के संबंधों को और मजबूत बनाया जा सके।
तुलसी गबार्ड की यह यात्रा भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा, खुफिया सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में तुलसी गबार्ड को महाकुंभ का पवित्र गंगाजल भेंट किया गया, जबकि तुलसी गबार्ड ने तुलसी की माला उपहार में दी। इससे पहले, खालिस्तानी आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई पर भी चर्चा हुई।