New Delhi : भारत सरकार ने वित्त और राजस्व सचिव तुहिन कांत पांडे को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। तुहिन पांडे, ओडिशा कैडर के 1987 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं, जो माधबी पुरी बुच की जगह लेंगे। माधबी पुरी बुच का तीन साल का कार्यकाल 28 फरवरी 2025 को समाप्त हो रहा है।
कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने गुरुवार, 27 फरवरी 2025 को तुहिन पांडे की नियुक्ति को मंजूरी दी। सरकार के आदेश के अनुसार, पांडे का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन वर्षों के लिए होगा।
बाजार की चुनौतियों के बीच नेतृत्व
तुहिन पांडे ऐसे समय में सेबी प्रमुख का कार्यभार संभालेंगे, जब विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की भारी निकासी के कारण बाजार में मंदी का दबाव देखा जा रहा है। जनवरी 2025 से अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है।
वित्त मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारी
पांडे वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग में वरिष्ठतम अधिकारी रहे हैं। उन्होंने 9 जनवरी 2025 को राजस्व विभाग का कार्यभार संभाला था, जब उनके पूर्ववर्ती संजय मल्होत्रा को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का गवर्नर नियुक्त किया गया था। तुहिन पांडे ने 2025-26 के बजट निर्माण में अहम भूमिका निभाई, जिसमें मध्यम वर्ग को 1 लाख करोड़ रुपये की कर राहत दी गई। इसके अलावा, उन्होंने नए आयकर विधेयक के मसौदे को तैयार करने में भी योगदान दिया, जो 1961 के आयकर अधिनियम को बदलने के लिए प्रस्तावित है।
विनिवेश और निजीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका
पांडे ने अक्टूबर 2019 से जनवरी 2025 तक निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) के विनिवेश को आगे बढ़ाया और सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम नीति को लागू किया।
उनकी अगुवाई में एयर इंडिया का निजीकरण हुआ। 8 अक्टूबर 2021 को सरकार ने टाटा समूह को एयर इंडिया का विजेता बोलीदाता घोषित किया था। 27 जनवरी 2022 को टाटा समूह ने एयर इंडिया का स्वामित्व संभाल लिया। इसके अलावा, उन्होंने IDBI बैंक के निजीकरण योजना की निगरानी की, जिसके लिए फिलहाल बोलीदाता ड्यू डिलिजेंस प्रक्रिया में हैं।
शिक्षा और करियर
तुहिन पांडे ने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर और यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम (यूके) से एमबीए की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने ओडिशा सरकार और भारत सरकार के विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। अपने करियर के प्रारंभिक चरण में उन्होंने स्वास्थ्य, वाणिज्यिक कर, परिवहन और वित्त विभागों में प्रशासनिक प्रमुख के रूप में सेवाएं दीं।
केंद्र सरकार में, वे योजना आयोग (अब नीति आयोग) में संयुक्त सचिव, कैबिनेट सचिवालय में संयुक्त सचिव और वाणिज्य मंत्रालय में उप सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।