झारखंड सरकार ने राज्य के विश्वविद्यालयों में एसोसिएट प्रोफेसर के 2,416 रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कदम उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार और शिक्षकों की कमी को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
झारखंड में स्थायी नियुक्ति में आवश्यकता आधारित शिक्षकों को वेटेज देने की घोषणा की गई है। यह वेटेज उनकी सेवा अवधि के आधार पर दिया जाएगा। साथ ही अनुबंध पर कार्य कर रहे आवश्यकता आधारित शिक्षकों को अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। इस निर्णय से राज्य के विभिन्न अंगीभूत कॉलेजों में कार्यरत लगभग 700 शिक्षकों को लाभ होगा।
राज्य के विभिन्न कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के पदों पर होने वाली नियुक्ति में पूर्व से अंगीभूत कॉलेजों में कार्य कर रहे आवश्यकता आधारित शिक्षकों को वेटेज दिया जाएगा। यह वेटेज उनकी सेवा अवधि के आधार पर दिया जाएगा। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने मंगलवार को विधानसभा में इसकी घोषणा की।
नियुक्ति प्रक्रिया और योग्यता मानदंड
नियुक्ति प्रक्रिया के तहत, एसोसिएट प्रोफेसर के कुल स्वीकृत पदों का 25% हिस्सा प्रतिनियुक्ति से भरा जाएगा। इसके लिए उम्मीदवारों के पास कम से कम तीन वर्षों की नियमित सेवा का अनुभव होना आवश्यक है। साथ ही, प्रोफेसर पदों के लिए भी समान प्रतिशत और सेवा अनुभव की शर्तें लागू होंगी। यह निर्णय उच्च शिक्षा में समृद्धि और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
नियुक्ति के लिए अतिरिक्त दिशा-निर्देश
- प्रतिनियुक्ति की शर्तें: झारखंड के बाहर के विश्वविद्यालयों या केंद्रीय विश्वविद्यालयों से जुड़े शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य के अंदर के विश्वविद्यालयों के शिक्षक प्रतिनियुक्ति का लाभ नहीं उठा सकेंगे। प्रतिनियुक्ति अवधि पांच वर्षों की होगी, जिसे अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकेगा। प्रतिनियुक्त शिक्षकों की अधिकतम आयु सीमा 62 वर्ष निर्धारित की गई है।
- वेतन और भत्ते: प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त शिक्षकों को उनके मूल वेतन का 10% अतिरिक्त भत्ता, अधिकतम नौ हजार रुपये प्रति माह, के रूप में दिया जाएगा।
भर्ती प्रक्रिया की समयसीमा
झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार, राज्य के विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के सभी रिक्त पदों को चार महीनों के भीतर भरने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस आदेश के बाद, राज्य सरकार, जेपीएससी और विश्वविद्यालयों को नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्रता से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह निर्णय राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने और शिक्षकों की कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होगी, जिससे विश्वविद्यालयों में शिक्षण गुणवत्ता में सुधार होगा।
झारखंड में एसोसिएट प्रोफेसर के 2,416 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू, उच्च न्यायालय के आदेश के बाद तेजी से भरेंगे रिक्त पद।