राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई।

Vikash Kumar
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महाकुंभ 2025 का आयोजन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक हो रहा है। यह आयोजन गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम स्थल पर आयोजित किया जा रहा है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 के अवसर पर त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई। उन्होंने संगम में स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य दिया और गंगा आरती में भाग लिया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी उपस्थित रहे।

राष्ट्रपति मुर्मू का हेलिकॉप्टर सुबह साढ़े नौ बजे प्रयागराज पहुंचा, जहां से वे सीधे अरैल घाट गईं। संगम तट पर उन्होंने प्रवासी पक्षियों को दाना खिलाया और फिर मंत्रोच्चार के बीच गंगा पूजन और आरती की। स्नान के बाद राष्ट्रपति ने अक्षयवट और बड़े हनुमान मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया।

महाकुंभ में राष्ट्रपति की उपस्थिति के कारण सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। राष्ट्रपति मुर्मू महाकुंभ में स्नान करने वाली देश की दूसरी राष्ट्रपति हैं; इससे पहले 1954 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भी महाकुंभ में स्नान किया था।

महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक हो रहा है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु संगम में स्नान करने के लिए आ रहे हैं। आज सुबह 12 बजे तक लगभग 83 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके थे।

राष्ट्रपति मुर्मू की इस आध्यात्मिक यात्रा ने महाकुंभ में एक नया अध्याय जोड़ा है, जो श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायक है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की महाकुंभ में उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया है, जो श्रद्धालुओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है।

महाकुंभ का महत्व

महाकुंभ मेला हिंदू धर्म का एक प्रमुख धार्मिक आयोजन है, जो हर 12 वर्ष में प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में बारी-बारी से आयोजित होता है। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ का विशेष महत्व है, जहां करोड़ों श्रद्धालु पवित्र संगम में स्नान कर अपने पापों से मुक्ति की कामना करते हैं।

प्रमुख तिथियाँ और स्नान

महाकुंभ 2025 के दौरान कई महत्वपूर्ण स्नान पर्व आयोजित किए गए हैं, जिनमें मकर संक्रांति (14 जनवरी), पौष पूर्णिमा (28 जनवरी), मौनी अमावस्या (10 फरवरी), बसंत पंचमी (16 फरवरी) और महाशिवरात्रि (26 फरवरी) शामिल हैं। इन तिथियों पर संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति

महाकुंभ 2025 में कई प्रमुख हस्तियों ने भी भाग लिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 10 फरवरी को संगम में पवित्र स्नान किया और गंगा आरती में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 फरवरी को त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की। इसके अलावा, उद्योगपति गौतम अडानी, पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना, बॉक्सर मैरी कॉम, और बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल जैसी हस्तियों ने भी महाकुंभ में शिरकत की।

विदेशी श्रद्धालुओं की भागीदारी

महाकुंभ 2025 में विदेशी श्रद्धालुओं की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति देखी गई है। अमेरिका, रूस, जापान, फ्रांस, जर्मनी, नेपाल, श्रीलंका, थाईलैंड, और अन्य देशों से आए श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया और भारतीय संस्कृति का अनुभव किया। 1 फरवरी को 77 देशों के 118 राजनयिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने महाकुंभ का दौरा किया।

सुविधाएँ और सुरक्षा प्रबंध

महाकुंभ 2025 के सफल आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक प्रबंध किए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अस्थायी शिविर, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सेवाएँ, और परिवहन की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल, एनडीआरएफ, और अन्य एजेंसियों को तैनात किया गया है।

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