प्रयागराज : महाकुंभ 2025 का भव्य आयोजन शुरू हो चुका है, और इस ऐतिहासिक धार्मिक उत्सव में भाग लेने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं। इसी क्रम में भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 27 जनवरी 2025 को प्रयागराज पहुंचे। उनके इस दौरे का उद्देश्य न केवल महाकुंभ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करना था, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं और सुरक्षा प्रबंधन का आश्वासन भी देना था।
महाकुंभ 2025: ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व
महाकुंभ 2025 भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। यह हर 12 वर्षों में आयोजित होता है और इसे विश्व की सबसे बड़ी मानव सभा माना जाता है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के संगम पर आयोजित इस पवित्र आयोजन में शाही स्नान और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व है।
अमित शाह का दौरा: मुख्य बिंदु
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन स्थल का दौरा किया और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन, पुलिस, और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से मुलाकात की और आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के निर्देश दिए।

प्रमुख बिंदु:
सुरक्षा प्रबंधन:
अमित शाह ने महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों और सीसीटीवी नेटवर्क के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ड्रोन और निगरानी कैमरों के माध्यम से भीड़ पर नजर रखी जाएगी।
स्वास्थ्य सुविधाएं:
गृह मंत्री ने श्रद्धालुओं के लिए त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संगम क्षेत्र में कई मेडिकल कैंप लगाए गए हैं और इमरजेंसी के लिए 24×7 एम्बुलेंस सेवाएं भी तैनात की गई हैं।
यातायात और परिवहन:
अमित शाह ने भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि रेलवे, बस, और हवाई मार्ग के माध्यम से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त सेवाएं शुरू की गई हैं।
स्वच्छता अभियान:
गृह मंत्री ने महाकुंभ क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने पर जोर देते हुए सफाई कर्मियों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि गंगा की स्वच्छता सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं:
अमित शाह ने संगम क्षेत्र में बनाए गए अस्थायी आश्रय स्थलों, भोजन वितरण केंद्रों, और मोबाइल शौचालयों का निरीक्षण किया।
अमित शाह का संबोधन
महाकुंभ के महत्व पर जोर देते हुए अमित शाह ने कहा, “महाकुंभ भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा और एकता का उत्सव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार श्रद्धालुओं को सर्वोत्तम अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
प्रयागराज की तैयारियां:
प्रयागराज प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ 2025 को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। संगम क्षेत्र में लाखों श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त स्थान, सुरक्षा और सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। इस बार सरकार ने डिजिटल टिकटिंग, ऑनलाइन मार्गदर्शन, और हेल्पलाइन सेवाओं को भी जोड़ा है ताकि श्रद्धालु आसानी से आयोजन का हिस्सा बन सकें।

महाकुंभ 2025: विशेष तिथियां
मौनी अमावस्या (29 जनवरी): शाही स्नान का पहला दिन
बसंत पंचमी (3 फरवरी): मुख्य स्नान पर्व
माघ पूर्णिमा (12 फरवरी): प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान
डिजिटल और प्रौद्योगिकी का उपयोग
महाकुंभ 2025 के आयोजन में डिजिटल तकनीक का भी खासा उपयोग किया जा रहा है। एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से श्रद्धालु आयोजन की जानकारी, स्नान तिथियों और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।