हैदराबाद हाउस : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी ने आज नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में विस्तृत वार्ता की। इन वार्ताओं में दोनों नेताओं ने भारत-कतर संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी में परिवर्तित करने का निर्णय लिया, जिसका मुख्य फोकस व्यापार, ऊर्जा, निवेश, नवाचार, प्रौद्योगिकी, खाद्य सुरक्षा, संस्कृति और जनसंपर्क होगा।
भारत-कतर संबंधों को नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी और अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी ने दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने व्यापार, ऊर्जा, निवेश, नवाचार, प्रौद्योगिकी, खाद्य सुरक्षा, संस्कृति और जनसंपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। इस रणनीतिक साझेदारी से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की उम्मीद है।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श
वार्ता के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी और अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने आपसी हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की, जिससे दोनों देशों के बीच समझ और सहयोग को और बढ़ावा मिलेगा।
कतर के अमीर की भारत यात्रा
अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी 17-18 फरवरी 2025 को भारत की राजकीय यात्रा पर आए थे। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। यह उनकी भारत की दूसरी यात्रा थी, इससे पहले वे मार्च 2015 में भारत आए थे।
भारत-कतर संबंधों का महत्व
भारत और कतर के बीच ऐतिहासिक संबंध हैं, जो मित्रता, विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित हैं। हाल के वर्षों में, दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और जनसंपर्क के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। भारत में कतर के भारतीय समुदाय की महत्वपूर्ण उपस्थिति है, जो कतर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
आगे की राह
प्रधानमंत्री मोदी और अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी की वार्ता से यह स्पष्ट है कि दोनों देश अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नई रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से, भारत और कतर विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखते हैं।