संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत 10 मार्च 2025 को हुई, जिसमें विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस विषय पर चर्चा की मांग की, जबकि समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को मतदाता सूची के मुद्दे पर लोकसभा में चर्चा की मांग की, जिस पर कई राजनीतिक दलों ने कुछ सवाल उठाए हैं। लोकसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए प्रमुख कांग्रेस नेता ने कहा कि पूरा विपक्ष मतदाता सूची पर चर्चा की मांग कर रहा है।
राहुल गांधी की आपत्ति:
राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि देशभर में मतदाता सूचियों पर सवाल उठ रहे हैं और विपक्ष इस पर चर्चा चाहता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मतदाता सूची सरकार द्वारा नहीं बनाई जाती, लेकिन इसमें हो रही गड़बड़ियों पर संसद में बहस आवश्यक है।
धर्मेंद्र यादव की प्रतिक्रिया:
समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि “अंधेर हो गया है”। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की मांग की।
संसद में हंगामा:
इन बयानों के बाद संसद में हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से शांत रहने की अपील की। बता दें सरकार और विपक्ष के बीच ‘ईपीआईसी’ के मुद्दे पर टकराव होने की उम्मीद है।विपक्ष मतदाता सूची में कथित हेराफेरी, मणिपुर में हिंसा की ताजा घटना और ट्रंप प्रशासन से निपटने में भारत के रुख जैसे मुद्दों को उठाने की योजना बना रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया:
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो वे अपने शब्द वापस लेते हैं। उन्होंने विपक्ष से सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
भाषा विवाद पर शिक्षा मंत्री का प्रहार
“तमिलनाडु सरकार ‘बेईमान’ है और पीएम स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) को लागू करने के मुद्दे पर पूरी तरह ‘यू-टर्न’ लेकर राज्य के छात्रों का भविष्य ‘बर्बाद’ कर रही है।” केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस टिप्पणी पर द्रमुक सदस्यों के विरोध के बाद लोकसभा की कार्यवाही लगभग 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई थी।दरअसल नई शिक्षा नीति और तीन भाषा विवाद पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा में कहा, “वे (डीएमके) बेईमान हैं। वे तमिलनाडु के छात्रों के प्रति प्रतिबद्ध नहीं हैं। वे तमिलनाडु के छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। उनका एकमात्र काम भाषा की बाधाएं खड़ी करना है। वे राजनीति कर रहे हैं। वे अलोकतांत्रिक और असभ्य हैं”
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि डीएमके केवल भावना भड़काने का काम कर रही है। यकीनन तमिल सबसे पुरानी भाषा है, लेकिन संस्कृत उससे भी पुरानी भाषा है।उन्होंने कहा, देशभर के किसी भी मंदिर में चले जाइए, तमिल के मंदिर में या फिर किसी और मंदिर में, सभी जगह संस्कृत में ही पूजा होती है। चुनाव हारने के डर से न्यू एजुकेशन पॉलिसी का विरोध हो रहा है।
मतदाता सूची में कुछ खामियां हैं- टीएमसी
इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सौगत रॉय ने कहा कि मतदाता सूची में कुछ खामियां हैं और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि मुर्शिदाबाद और बर्दवान संसदीय क्षेत्रों और हरियाणा में एक ही ईपीआईसी (चुनावी फोटो पहचान पत्र) संख्या वाले मतदाता मौजूद हैं। टीएमसी ने कहा कि तृणमूल का एक प्रतिनिधिमंडल मतदाता सूची पर चिंताओं को उठाने के लिए नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त से मिल रहा है। उन्होंने मतदाता सूचियों में व्यापक संशोधन की भी मांग की, खास तौर पर अगले साल पश्चिम बंगाल और असम में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले।
चुनाव आयोग को देश को जवाब देना चाहिए- सौगत रॉय
सौगत रॉय ने दावा किया, ‘कुछ गंभीर खामियां हैं। महाराष्ट्र के मामले में यह बात कही गई है, जहां मतदाता सूचियों में गड़बड़ी की गई थी। हरियाणा में भी इस बात की ओर ध्यान दिलाया गया। अब वे पश्चिम बंगाल और असम में भी घुसने की कोशिश कर रहे हैं, जहां अगले साल चुनाव होने हैं।’ तृणमूल नेता ने कहा, ‘पूरी मतदाता सूचियों में व्यापक संशोधन किया जाना चाहिए। चुनाव आयोग को देश को जवाब देना चाहिए कि सूचियों में कुछ गलतियां क्यों हुईं।’
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा संसद में गरमाया हुआ है। विपक्ष इस पर विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार ने अभी तक इस पर स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद में क्या रुख अपनाया जाता है
संसद के बजट सत्र में राहुल गांधी और धर्मेंद्र यादव ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया, जिससे सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही बाधित हुई।