Maharashtra:औरंगजेब विवाद के बाद नागपुर में बवाल, दो गुटों में झड़प, हिंसा में कई पुलिसकर्मी जख्मी वाहनों में लगाई आग, नितिन गडकरी और CM फडणवीस ने की शांति की अपील

Vikash Kumar
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Vikash Kumar is an Expert of Indian Politics, Sports & Stock Market with News Rival

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नागपुर के महल इलाके में सोमवार रात दो गुटों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया. झड़प के दौरान कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं.

महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार को औरंगजेब की कब्र के विरोध में एक संगठन के प्रदर्शन के बाद दो गुटों के बीच टकराव हो गया। नागपुर के महल इलाके में दोनों ओर से पथराव हुआ। वाहनों में आग लगा दी गई। दोनों गुटों को शांत करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठी चार्ज किया। बताया जा रहा है पथराव में एक पुलिसकर्मी समेत चार लोग घायल हो गए। केंद्रीय मंत्री और सांसद नितिन गडकरी और सीएम देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से शांति की अपील की है। 

मुंबई सहित महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में सोमवार को खुल्दाबाद स्थित औरंगजेब की कब्र हटाने को लेकर प्रदर्शन किए गए और जिलाधिकारियों को ज्ञापन दिए गए। इस दौरान नागपुर में हुए प्रदर्शन के बाद मुस्लिम समाज भी सड़क पर उतरा और पथराव और आगजनी की।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी एक बयान में कहा है कि औरंगजेब का महिमामंडन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना ने अपने संपादकीय में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग कर रहे हिंदू संगठनों की तुलना तालिबान से की है।

महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार को औरंगजेब की कब्र के विरोध में एक संगठन के प्रदर्शन के बाद दो गुटों के बीच टकराव हो गया। नागपुर के महल इलाके में दोनों ओर से पथराव हुआ। वाहनों में आग लगा दी गई। दोनों गुटों को शांत करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठी चार्ज किया। बताया जा रहा है पथराव में एक पुलिसकर्मी समेत चार लोग घायल हो गए।

महल इलाके में औरंगजेब की कब्र को हटाने को लेकर छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति के पास बजरंग दल के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। पुलिस के मुताबिक अफवाह फैली कि आंदोलन के दौरान कुरान को जलाया गया। बजरंग दल के प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिससे मुस्लिम समुदाय के सदस्यों में आक्रोश फैल गया। शाम को गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में पवित्र पुस्तक को जलाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई। 

पुलिस ने कहा कि शिकायत के बाद बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के सदस्य महल, कोतवाली, गणेशपेठ और चितनविस पार्क सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में इकट्ठा होने लगे। पुलिस ने गड़बड़ी को भांपते हुए गश्त बढ़ा दी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को बुलाया। इस बीच दो गुटों के बीच पथराव होने लगा। वाहनों में आग लगा दी गई। घटना में चार लोग घायल हो गए। पुलिस ने चिटनीस पार्क और महल इलाकों में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।

अधिकारियों ने बताया कि हिंसा कोतवाली और गणेशपेठ तक भी फैल गई। पुलिस ने बताया कि चिटनीस पार्क से शुक्रवारी तालाब रोड बेल्ट हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित हुआ। यहां चार पहिया वालों को आग के हवाले कर दिया गया। लोगों के घर पर पत्थर फेंके गए।  चिटनिस पार्क और महल इलाकों में पुलिस कर्मियों पर पत्थर फेंके गए, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। बजरंग दल के पदाधिकारियों ने आरोपों का खंडन किया और दावा किया कि उन्होंने अपने प्रदर्शन के तहत केवल औरंगजेब का पुतला जलाया था।  

डीसीपी नागपुर अर्चित चांडक का कहना है कि घटना कुछ गलतफहमी के कारण हुई। स्थिति अभी नियंत्रण में है। यहां हमारा बल मजबूत है। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे बाहर न निकलें। पथराव न करें। पथराव हो रहा था, इसलिए हमने बल का प्रयोग किया और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया।

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