जम्मू, 16 मार्च 2025: पाकिस्तान के झेलम जिले में लश्कर-ए-तैयबा के मोस्ट वांटेड आतंकवादी और हाफिज सईद के भतीजे अबू क़ताल को शनिवार रात मार गिराया गया। अबू क़ताल, जिनका असली नाम नदीम था, पिछले 25 वर्षों से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के कोटली क्षेत्र में रह रहा था। उनकी हत्या के बाद जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित किया गया है।
लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के भतीजे अबू कताल की गुलाम जम्मू-कश्मीर में हत्या से जम्मू-कश्मीर में जारी आतंक के खिलाफ लड़ाई में बल मिलेगा। लश्कर के शीर्ष पर हुए करारे प्रहार से जम्मू-कश्मीर में अब आतंक अंत की तरफ बढ़ने के संकेत हैं।
अबू कताल पिछले दो दशक से जम्मू कश्मीर में बड़े आतंकी हमलों और घुसपैठ कराने का अहम सूत्रधार रहा है। विशेषकर पुंछ जिले में सेना के काफिलों, राजौरी के ढांगरी गांव में हिंदुओं और रियासी के शिवखोड़ी श्रद्धालुओं पर हमले कताल के इशारे पर ही हुए थे।
बताया जाता है कि जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराने से पहले कताल ही आतंकियों को प्रशिक्षित करता था। उसका मारा जाना भारतीय सुरक्षाबलों के लिए बड़ी राहत की बात है।
शनिवार रात मंगला बाईपास के पास अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने अबू क़ताल और उनके एक साथी की वीगो गाड़ी पर गोलीबारी की, जिससे दोनों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, हमलावर भागने में सफल रहे, जबकि शवों और घायलों को अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि पीड़ितों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया था।
अबू क़ताल की आतंकवादी गतिविधियाँ:
अबू क़ताल कई आतंकवादी हमलों में शामिल था, जिनमें 26 नवंबर 2008 के मुंबई हमले, 2024 में रियासी में तीर्थयात्रियों पर हमला और 2023 में राजौरी जिले में हुए हमले शामिल हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने राजौरी हमले में अबू क़ताल को मास्टरमाइंड बताया था। अबू कताल ने भारत में कई आतंकी घटनाओं के अंजाम दिया। भारत में कई आतंकी हमलों और साजिशों में अबू कताल का अहम हाथ रहता था। बीते साल 9 जून को शिवखोड़ी से रही बस जिसे तीर्थयात्री थी उस अबू कताल ने ही हमला करवाया था। इस हमले में कुल 10 लोगों की मौत हो गई थी। इतना ही नहीं राजौरी जिले के धंगरी गांव में आम नागरिकों को निशाना बनाने वाले आतंकी हमले में भी उसका नाम सामने आया था। यहां पर एक बम धमाके में 7 लोगों की जान गई थी।
ये पाकिस्तान में बड़े आराम से रह रहा था और कश्मीर में आए दिन आतंकी साजिशें रचता रहता था। बताया जा रहा है कि ये 26/11 हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेहद करीबी थी। और ये दोनों मिलकर आतंकी साजिशे रचते थे। खबरों की माने तो सिंघी झेलम में गोलीबारी में कताल की जान चली गई है। बीते कुछ महीनों में पाकिस्तान के कई आतंकी मारे गए हैं। फिर चाहे वो लश्कर का टॉप कमांडर रियाज अहमद उर्फ कासिम हो या फिर बशीर अहमद। पाकिस्तान के लिए आतंकवाद को पनाह देना अब महंगा होता जा रहा है।
हाफिज सईद की स्थिति:
अबू क़ताल की हत्या के बाद कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इस हमले में हाफिज सईद भी घायल हो गए हैं और उन्हें रावलपिंडी के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, अन्य सूत्रों के अनुसार, हाफिज सईद लाहौर में सुरक्षित हैं।
जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था:
अबू क़ताल की हत्या के बाद जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा को उच्चतम स्तर पर रखा गया है। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को सतर्क किया गया है, और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियाँ किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार हैं।
पाकिस्तान में हाफिज सईद के करीबी सहयोगी और लश्कर-ए-तैयबा के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अबू क़ताल की हत्या के बाद जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अबू क़ताल कई आतंकवादी हमलों में शामिल था, जिनमें 26/11 मुंबई हमला और रियासी में तीर्थयात्रियों पर हमला शामिल हैं।