Grater Noida: ग्रेटर नोएडा के थाना ईकोटेक-3 पुलिस ने डाटा सेंटर कर्मी मनजीत मिश्रा की हत्या के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह हत्या 21 फरवरी को हुई थी, जब मनजीत मिश्रा को डी पार्क तिराहे के पास गोली मार दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में गहन जांच के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें से एक मृतक का साला (पत्नी का भाई) है।
पुलिस के अनुसार, पारिवारिक विवाद इस हत्या की मुख्य वजह बना। इस मामले में अभी भी कुछ आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। इस बड़ी सफलता पर डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने इस घटना का पर्दाफाश करने वाली टीम को ₹25,000 का इनाम देने की घोषणा की है।
बिहार निवासी मनजीत मिश्रा की ग्रेटर नोएडा में गोली मारकर हत्या
यह मामला 21 फरवरी 2025 का है, जब बिहार के दरभंगा जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र के रसीदपुर गांव निवासी मनजीत मिश्रा (उम्र 29 वर्ष) को गोली मार दी गई थी। मनजीत वर्तमान में गाजियाबाद के वसुंधरा क्षेत्र में रहते थे और एक डाटा सेंटर में प्राइवेट नौकरी करते थे।
घटना के बाद मृतक के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की और तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
हत्या की साजिश और पुलिस जांच
डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने जानकारी दी कि इस जघन्य हत्या का खुलासा करने के लिए तीन विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और पाया कि जिस दिन हत्या हुई, उस दिन मनजीत मिश्रा अपनी कार में डाटा सेंटर की ड्यूटी के लिए निकले थे।
जैसे ही उन्होंने घर से निकलकर अपनी गाड़ी बढ़ाई, तभी दो अज्ञात बाइक सवार बदमाश उनका पीछा करने लगे। जब मनजीत डी पार्क के पास पहुंचे, तब मौका देखकर इन बदमाशों ने उनकी कार को टक्कर मार दी, जिससे वह सड़क पर गिर गए। इसके बाद उन बदमाशों ने पास आकर मनजीत को गोली मार दी और फरार हो गए।
थाना ईकोटेक-3 पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए डाटा सेंटर के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नई दिल्ली के आनंद विहार निवासी सचिन राठौर और जिला बागपत के संतोषपुर बाघू निवासी प्रवीण उर्फ तिल्के के रूप में हुई है।
हत्या की वजह: पारिवारिक विवाद और साजिश का खुलासा
जांच में पता चला कि मनजीत मिश्रा और उनकी पत्नी मेघा की शादी इसी साल 28 जनवरी 2024 को हुई थी। दोनों पहले से ही एक-दूसरे को जानते थे। वे गाजियाबाद के इंद्रप्रस्थ कॉलेज, साहिबाबाद में पढ़ाई के दौरान मिले थे और दोस्त बन गए।
जब मेघा ने अपने घरवालों को इस रिश्ते के बारे में बताया तो परिवार ने दोनों की शादी को मंजूरी दे दी। लेकिन शादी के सिर्फ 15 दिन बाद ही मनजीत मिश्रा के पिता की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।
इस घटना के बाद मनजीत के घरवालों ने मेघा को दोषी ठहराना शुरू कर दिया। परिवार में लगातार झगड़े होने लगे और यह विवाद इतना बढ़ गया कि मेघा के भाई सचिन ने पुलिस में शिकायत तक दर्ज करा दी।
पुलिस के अनुसार, मनजीत ने अगस्त 2024 में इंदिरापुरम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी जान को खतरा है। फिर 20 जून 2024 को जब मनजीत ने मेघा को कुछ दिनों के लिए उसके मायके छोड़ दिया, तब उनके रिश्तों में और तनाव आ गया।
इसके बाद मेघा के परिवार वालों ने मनजीत को लेकर कड़ा रुख अपनाया और विवाद इतना बढ़ा कि मेघा के भाई सचिन ने कोर्ट में मामला दर्ज कर दिया। मेघा के परिवारवाले उसकी बदहाल हालत से परेशान थे और उसे देखकर दुखी होते थे।
इसी तनाव के चलते सचिन राठौर ने अपने सहयोगी प्रवीण के साथ मिलकर मनजीत मिश्रा की हत्या की साजिश रच डाली।
हत्या के लिए 15 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी
हत्या की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सचिन राठौर ने मनजीत को खत्म करने के लिए 15 लाख रुपये की सुपारी दी थी।
साजिश के तहत, सचिन ने प्रवीण से संपर्क किया और उसे हत्या के लिए 15 लाख रुपये देने का वादा किया। दिसंबर 2024 में पहले 5 लाख रुपये एडवांस दिए गए, जबकि बाकी रकम काम पूरा होने के बाद देने की बात तय हुई।
इसके बाद प्रवीण ने अपने गांव के एक अन्य व्यक्ति की मदद से पेशेवर शूटर हायर किए।
इन शूटरों को गाजियाबाद के ओयो होटल, 5/17 साइट 4 लोनी रोड इंडस्ट्रियल एरिया मोहन नगर में ठहरने का इंतजाम कराया गया। इसके बाद उन्होंने मनजीत के घर की रेकी की और जब वह अपनी गाड़ी से डाटा सेंटर के लिए निकला, तब उसकी गाड़ी का पीछा किया।
योजना के मुताबिक, जैसे ही मनजीत की कार डी पार्क डाटा सेंटर के पास पहुंची, शूटरों ने पहले उसकी गाड़ी को टक्कर मारी। जब मनजीत बाहर निकले, तो उन बदमाशों ने उन्हें बेहद नजदीक से गोली मार दी और फरार हो गए।
हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि इस हत्या की साजिश में सिर्फ सचिन और प्रवीण ही शामिल नहीं थे, बल्कि कुछ और लोग भी थे, जिनकी तलाश की जा रही है।
इस हाई-प्रोफाइल केस को सुलझाने के लिए पुलिस कई महत्वपूर्ण सुरागों पर काम कर रही है और जल्द ही इस हत्या में शामिल अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
इस घटना ने ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सनसनी फैला दी है। यह हत्या पूरी तरह पारिवारिक विवाद और बदले की भावना से प्रेरित थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अभी भी इस साजिश के अन्य किरदारों की तलाश जारी है।
बिहार से ग्रेटर नोएडा आए एक युवक की इस दर्दनाक हत्या ने एक बार फिर रिश्तों की कड़वाहट और आपसी मनमुटाव के खतरनाक परिणामों को उजागर कर दिया है। पुलिस अब इस मामले में शामिल सभी दोषियों को सजा दिलाने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है।