आजकल “ग्लूटेन-फ्री” डाइट काफी लोकप्रिय हो रही है। लेकिन क्या यह सच में स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, या सिर्फ एक ट्रेंड बन चुका है? आइए जानते हैं ग्लूटेन-फ्री डाइट के फायदे, सुझाव और किन लोगों को इसे अपनाने की जरूरत है।
ग्लूटेन क्या है?
ग्लूटेन एक प्रकार का प्रोटीन है, जो मुख्य रूप से गेहूं, जौ और राई में पाया जाता है। यह आटे को लोचदार बनाता है और ब्रेड, पिज्जा, पास्ता आदि को एक खास टेक्सचर देता है।

कौन लोग ग्लूटेन-फ्री आहार अपनाएं?
- सीलिएक रोग से ग्रसित लोग: यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें ग्लूटेन खाने से शरीर की इम्यून सिस्टम आंतों पर हमला करती है।
- ग्लूटेन संवेदनशीलता: कुछ लोग ग्लूटेन खाने के बाद पेट दर्द, सूजन और अपच की समस्या महसूस करते हैं।
- थायरॉइड और ऑटोइम्यून बीमारियों से ग्रसित लोग: कुछ शोधों में पाया गया है कि ऑटोइम्यून बीमारियों से पीड़ित लोगों को ग्लूटेन से परहेज करने पर फायदा हो सकता है।
ग्लूटेन-फ्री आहार के स्वास्थ्य लाभ
पाचन में सुधार: ग्लूटेन-फ्री डाइट अपच, गैस और सूजन जैसी समस्याओं को कम कर सकती है।
वजन घटाने में मदद: सही तरीके से ग्लूटेन-फ्री आहार अपनाने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है।
त्वचा में सुधार: ग्लूटेन-फ्री डाइट से मुंहासे और एक्जिमा जैसी समस्याओं में सुधार देखा गया है।
शरीर की ऊर्जा बढ़ाना: कुछ लोग ग्लूटेन हटाने के बाद खुद को अधिक ऊर्जावान महसूस करते हैं।
ग्लूटेन-फ्री आहार में शामिल करें ये खाद्य पदार्थ
✔ फ्रूट्स और सब्जियां – केला, सेब, संतरा, गाजर, पालक
✔ प्राकृतिक अनाज – चावल, बाजरा, ज्वार, क्विनोआ
✔ दालें और बीन्स – मसूर, चना, मूंग
✔ डेयरी उत्पाद – दूध, दही, पनीर
✔ नट्स और बीज – बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स
क्या सभी को ग्लूटेन-फ्री आहार अपनाना चाहिए?
अगर आपको ग्लूटेन से कोई समस्या नहीं है, तो इसे छोड़ने की जरूरत नहीं है। संतुलित आहार लेना ज्यादा महत्वपूर्ण है। कई पैक्ड ग्लूटेन-फ्री उत्पादों में ज्यादा शुगर और फैट हो सकता है, इसलिए इन्हें खरीदने से पहले उनके पोषण तथ्यों को जरूर पढ़ें।