दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को भी समन जारी कर 11 मार्च को पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया है।
नौकरी के बदले जमीन के मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। अब ईडी ने इस मामले में पूछताछ के लिए लालू प्रसाद को समन जारी किया है। ईडी ने लालू यादव को 19 मार्च को पूछताछ के लिए बुलाया है। 76 वर्षीय लालू प्रसाद यादव को पटना में ईडी कार्यालय में पेश होना होगा। ईडी ने लालू यादव के परिवार के कई अन्य सदस्यों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। जिनमें उनके दोनों बेटे तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव शामिल हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को ‘नौकरी के बदले जमीन’ घोटाले में पूछताछ के लिए समन जारी किया है। यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे। आरोप है कि इस दौरान रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियों के बदले लोगों से उनकी जमीनें ली गईं, जो बाद में लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर हस्तांतरित की गईं।
दिल्ली की अदालत ने भी जारी किया था नोटिस
दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को भी समन जारी कर 11 मार्च को पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया है। ईडी द्वारा धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में जो जांच की जा रही है, उसमें लालू प्रसाद यादव और उनके दोनों बेटों को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
लालू प्रसाद यादव पर नौकरी के बदले लोगों से जमीन लेने या उनके परिवार को कम दाम पर बेचने के लिए दबाव बनाने का आरोप है। यह घोटाला उस समय हुआ, जब साल 2004-2009 तक लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। सीबीआई ने चार्जशीट में आरोप लगाया है कि रेलमंत्री रहते हुए लालू यादव ने नियमों को ताक पर रखते हुए भर्तियां की थीं।
ईडी की कार्रवाई:
ईडी ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेज प्रताप यादव को पूछताछ के लिए तलब किया है। सूत्रों के अनुसार, राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव से मंगलवार को पूछताछ की जाएगी, जबकि लालू यादव को बुधवार को उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
मामले की पृष्ठभूमि:
आरोप है कि रेल मंत्री के पद पर रहते हुए लालू यादव ने कुछ व्यक्तियों को रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियां दिलाने के बदले उनकी कीमती जमीनें बेहद कम कीमत पर अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर हस्तांतरित करवाईं। इन जमीनों का बाजार मूल्य उस समय की सरकारी दरों से कहीं अधिक था, लेकिन उन्हें औने-पौने दामों पर खरीदा गया।
सीबीआई की जांच:
इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी जांच की थी और लालू यादव, राबड़ी देवी, उनकी बेटी मीसा भारती समेत अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। सीबीआई की जांच में पाया गया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए लाभार्थियों से जमीनें ली गईं और उन्हें रेलवे में नौकरी प्रदान की गई।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
इस कार्रवाई पर राजद नेताओं ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। उनका कहना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, जांच एजेंसियों का कहना है कि वे केवल कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
‘नौकरी के बदले जमीन’ घोटाले में ईडी ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। आरोप है कि रेल मंत्री के पद पर रहते हुए लालू यादव ने नौकरियों के बदले लोगों से उनकी जमीनें लीं, जो बाद में उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर हस्तांतरित की गईं।