डोनाल्ड ट्रंप का वैश्विक संस्थाओं पर कड़ा रुख: WHO से बाहर, BRICS को धमकी, ICC पर प्रतिबंध

Vikash Kumar
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में वैश्विक संस्थाओं के प्रति अपनी कड़ी नीति को स्पष्ट किया है। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से अमेरिका की सदस्यता समाप्त करने, BRICS देशों को अमेरिकी डॉलर की प्रतिस्थापना करने पर चेतावनी देने, और अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदम उठाए हैं। इन निर्णयों के पीछे उनके उद्देश्य और वैश्विक राजनीति पर इसके प्रभाव पर चर्चा करना आवश्यक है।

डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद, उनकी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति ने अमेरिकी विदेश नीति में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं। इस नीति के तहत, ट्रंप प्रशासन ने वैश्विक संस्थाओं से दूरी बनाई, व्यापारिक समझौतों की समीक्षा की, और अमेरिका के राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का प्रभाव:

ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति ने अमेरिकी विदेश नीति को एकतरफा और संरक्षणवादी दिशा में मोड़ा। इस नीति के तहत, ट्रंप प्रशासन ने कई बहुपक्षीय समझौतों से बाहर निकलने का निर्णय लिया, जैसे पेरिस जलवायु समझौता और ईरान परमाणु समझौता। इससे वैश्विक सहयोग और स्थिरता पर प्रभाव पड़ा, और अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय संबंधों में तनाव बढ़ा।

WHO से बाहर निकलना:

डोनाल्ड ट्रंप ने WHO से अमेरिका की सदस्यता समाप्त करने का निर्णय लिया है। यह कदम उनके पिछले कार्यकाल में भी उठाया गया था, जब उन्होंने COVID-19 महामारी के दौरान WHO पर पक्षपाती होने और चीन के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया था। अमेरिका की सदस्यता समाप्त करने से वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग पर प्रभाव पड़ेगा, विशेषकर विकासशील देशों में, जो WHO की सहायता पर निर्भर हैं।

BRICS को धमकी:

ट्रंप ने BRICS देशों—ब्राजील, रूस, भारत, चीन, और दक्षिण अफ्रीका—को चेतावनी दी है कि यदि वे अमेरिकी डॉलर की जगह अपनी नई मुद्रा शुरू करते हैं, तो अमेरिका उन पर 100% टैरिफ लगाएगा और अमेरिकी बाजार से बाहर कर देगा। यह धमकी अमेरिकी डॉलर की वैश्विक प्रभुत्व को बनाए रखने की ट्रंप प्रशासन की नीति को दर्शाती है। BRICS देशों की संयुक्त मुद्रा की पहल से अमेरिकी डॉलर की स्थिति कमजोर हो सकती है, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

ICC पर प्रतिबंध:

ट्रंप ने ICC पर कड़े प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है, आरोप लगाते हुए कि यह अदालत अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को गलत तरीके से निशाना बना रही है। इस आदेश के तहत ICC के अधिकारियों, कर्मचारियों, और उनके परिवारों के खिलाफ संपत्ति जब्ती और यात्रा प्रतिबंध लगाए गए हैं। यह कदम ICC की स्वतंत्रता और प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है, और अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था के प्रति दृष्टिकोण को दर्शाता है।

डोनाल्ड ट्रंप के ये कदम वैश्विक राजनीति में अमेरिका की भूमिका और उसकी विदेश नीति की दिशा को प्रभावित करेंगे। WHO से बाहर निकलना, BRICS को धमकी देना, और ICC पर प्रतिबंध लगाने जैसे निर्णय वैश्विक सहयोग और न्याय व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इन कदमों से अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ सकता है, और अन्य देशों के साथ उसके संबंधों में तनाव बढ़ सकता है।

डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति ने अमेरिकी विदेश नीति में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं। इस नीति के तहत, अमेरिका ने वैश्विक संस्थाओं से दूरी बनाई, व्यापारिक समझौतों की समीक्षा की, और अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। हालांकि, इस नीति के कारण वैश्विक सहयोग और स्थिरता पर प्रभाव पड़ा है, और अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय संबंधों में तनाव बढ़ा है।

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