New Delhi : दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 70 में से 48 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है, जिससे राजधानी में 27 साल बाद भाजपा की सत्ता में वापसी हुई है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद, नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है।

विधायक दल की बैठक और मुख्यमंत्री का चयन
सूत्रों के अनुसार, भाजपा विधायक दल की बैठक 17 या 18 फरवरी को आयोजित की जाएगी, जिसमें नवनिर्वाचित विधायकों द्वारा अपने नए नेता का चयन किया जाएगा। पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री निर्वाचित विधायकों में से ही होगा, और इस बारे में अंतिम निर्णय विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, और अन्य शीर्ष नेता भी शामिल हो सकते हैं।
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां
नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को आयोजित होने की संभावना है। समारोह के स्थल के रूप में रामलीला मैदान या यमुना किनारे के किसी स्थान पर विचार किया जा रहा है। रामलीला मैदान का ऐतिहासिक महत्व है, जहां पहले भी कई महत्वपूर्ण रैलियां और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए जा चुके हैं। वहीं, यमुना किनारे समारोह आयोजित करने का विचार पार्टी के चुनावी वादे, यमुना की सफाई, से जुड़ा हो सकता है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, 200 से अधिक सांसद, और कई वीवीआईपी के शामिल होने की उम्मीद है।

नई सरकार के प्राथमिकता वाले मुद्दे
भाजपा की नई सरकार के प्रमुख एजेंडे में यमुना नदी की सफाई और ‘आयुष्मान भारत’ योजना को दिल्ली में लागू करना शामिल है। पार्टी ने चुनावी अभियान के दौरान यमुना की सफाई का वादा किया था, जिसे पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, ‘आयुष्मान भारत’ योजना को लागू करके वंचित नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की जाएगी, जो आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में दिल्ली में लागू नहीं की गई थी।
उपमुख्यमंत्री पद पर निर्णय
सूत्रों के मुताबिक, नई भाजपा सरकार में उपमुख्यमंत्री पद नहीं होगा। पार्टी नेतृत्व ने निर्णय लिया है कि मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद पहली कैबिनेट बैठक में कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए जाएंगे, जिससे सरकार की प्राथमिकताओं और कार्ययोजना का खाका तैयार होगा।
दिल्ली विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 26 फरवरी को समाप्त हो रहा है, और नई सरकार को उससे पहले कार्यभार संभालना होगा। ऐसे में, आगामी दिनों में होने वाली विधायक दल की बैठक और शपथ ग्रहण समारोह पर सभी की निगाहें टिकी हैं, जहां दिल्ली को नया मुख्यमंत्री और सरकार मिलेगी।