दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 27 वर्षों बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी की है। भा.ज.पा. ने 70 में से 48 सीटों पर विजय प्राप्त की, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) को 22 सीटों पर संतोष करना पड़ा। कांग्रेस पार्टी इस चुनाव में खाता भी नहीं खोल सकी।
मुख्य बिंदु:
- भा.ज.पा. की विजय: भा.ज.पा. ने दिल्ली में 27 वर्षों बाद सत्ता में वापसी की है, जो पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि है।
- आप की हार: आम आदमी पार्टी, जो 2015 और 2020 में सत्ता में थी, इस बार केवल 22 सीटों पर सिमट गई है।
- कांग्रेस की स्थिति: कांग्रेस पार्टी इस चुनाव में अपनी जमानत भी नहीं बचा सकी, जो पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है।
विश्लेषण:
भा.ज.पा. की इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और पार्टी की रणनीतिक योजनाओं का परिणाम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, भा.ज.पा. ने मध्यवर्गीय मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए कर में छूट और अन्य लाभों की घोषणा की थी, जो इस जीत में सहायक सिद्ध हुए।
वहीं, आम आदमी पार्टी की हार के कारणों में भ्रष्टाचार के आरोपों और पार्टी के भीतर की असहमति को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी की स्थिति में सुधार के लिए पार्टी को अपनी नीतियों और नेतृत्व पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: पार्टीवार विजेता सूची और विश्लेषण
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 27 वर्षों बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी की है। भा.ज.पा. ने 70 में से 48 सीटों पर विजय प्राप्त की, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) को 22 सीटों पर संतोष करना पड़ा। कांग्रेस पार्टी इस चुनाव में खाता भी नहीं खोल सकी।
पार्टीवार विजेता सूची:
- भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.): 48 सीटें
- आम आदमी पार्टी (आप): 22 सीटें
- कांग्रेस पार्टी: 0 सीटें
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: प्रधानमंत्री मोदी और प्रवेश वर्मा की भूमिका
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 27 वर्षों बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी की है। इस चुनाव में भा.ज.पा. ने 70 में से 48 सीटों पर विजय प्राप्त की, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) को 22 सीटों पर संतोष करना पड़ा। कांग्रेस पार्टी इस चुनाव में खाता भी नहीं खोल सकी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भा.ज.पा. के प्रचार अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने दिल्ली की जनता से विकास, सुरक्षा और सुशासन के मुद्दों पर समर्थन मांगा। उनकी रैलियों और भाषणों ने पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रवेश वर्मा की जीत:
नई दिल्ली विधानसभा सीट से भा.ज.पा. के उम्मीदवार प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को हराया। इस जीत के बाद, प्रवेश वर्मा ने कहा, “यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विजन की जीत है।” उन्होंने अपनी जीत का श्रेय पार्टी की पूरी टीम और दिल्ली की जनता को दिया।

भा.ज.पा. की प्रतिक्रिया:
भा.ज.पा. नेताओं ने इस जीत को दिल्ली की जनता की जीत बताया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “दिल्ली की जनता ने झूठ, धोखे और भ्रष्टाचार के ‘शीशमहल’ को नेस्तनाबूत कर दिया है।” प्रधानमंत्री मोदी की सक्रिय भागीदारी और प्रवेश वर्मा की जीत ने भा.ज.पा. की दिल्ली में वापसी को सुनिश्चित किया। भा.ज.पा. की यह जीत दिल्ली की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।
आगे की राह:
भा.ज.पा. की इस जीत से दिल्ली में राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव की संभावना है। पार्टी को अब दिल्ली की समस्याओं जैसे प्रदूषण, जल आपूर्ति, और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करना होगा।