दिल्ली मेट्रो में ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ का विज्ञापन विवाद, दिल्ली मेट्रो से हटाए गए आसाराम से जुड़े विज्ञापन!

Vikash Kumar
Vikash Kumar
Vikash Kumar is an Expert of Indian Politics, Sports & Stock Market with News Rival

Published:

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) : एक नए विवाद में फंस गया है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में दिल्ली मेट्रो के अंदर ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ के विज्ञापन दिखने के बाद लोग नाराजगी जता रहे हैं। इन विज्ञापनों में आसाराम बापू की तस्वीर prominently नजर आ रही थी, जिससे विवाद और गहरा गया। दिल्ली मेट्रो में हाल ही में रेप के दोषी आसाराम बापू के विज्ञापन प्रदर्शित होने से विवाद उत्पन्न हो गया है। इन विज्ञापनों में 14 फरवरी को ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ मनाने का संदेश दिया गया था, जिसमें आसाराम की तस्वीर प्रमुखता से दिखाई गई थी। सोशल मीडिया पर यात्रियों ने इन विज्ञापनों की तस्वीरें साझा करते हुए कड़ी आपत्ति जताई और डीएमआरसी से स्पष्टीकरण की मांग की।

डीएमआरसी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “डीएमआरसी ने लाइसेंसधारक को तत्काल निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे मेट्रो परिसर से इन विज्ञापनों को जल्द से जल्द हटवाएं। इन विज्ञापनों को हटाने की प्रक्रिया आज रात से शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, सिस्टम से इन्हें हटाने में कुछ समय लग सकता है।”

आसाराम को दो अलग-अलग रेप मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। हाल ही में, स्वास्थ्य कारणों से सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 31 मार्च तक के लिए अंतरिम जमानत दी है।

इस घटना ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी है, जिसमें लोग सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे व्यक्तियों के प्रचार पर सवाल उठा रहे हैं। डीएमआरसी ने विज्ञापनों को हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं और संबंधित लाइसेंसधारक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

क्या है पूरा मामला?

मेट्रो यात्रियों ने इन विज्ञापनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिसमें लोगों ने सवाल उठाया कि रेप के दोषी करार दिए गए आसाराम बापू से जुड़ा कोई भी प्रचार सार्वजनिक परिवहन में कैसे प्रदर्शित हो सकता है। यह विज्ञापन 14 फरवरी को ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ मनाने का संदेश दे रहा था।

विवाद बढ़ने के बाद DMRC ने तुरंत इस पर प्रतिक्रिया दी और बयान जारी करते हुए कहा:-

“डीएमआरसी ने लाइसेंसधारक को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे इन विज्ञापनों को जल्द से जल्द हटवाएं। यह प्रक्रिया आज रात से शुरू कर दी जाएगी, हालांकि सिस्टम से पूरी तरह हटाने में कुछ समय लग सकता है।

सोशल मीडिया पर नाराजगी

इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। कई यूजर्स ने DMRC से सवाल किया कि वह ऐसे व्यक्ति के प्रचार की अनुमति कैसे दे सकता है, जिसे बलात्कार के दो मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।

आसाराम बापू को मिली थी अंतरिम जमानत

हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए आसाराम बापू को 31 मार्च तक अंतरिम जमानत दी थी। हालांकि, उनके समर्थकों द्वारा अभी भी प्रचार जारी रखने की कोशिशें की जा रही हैं, जिससे विवाद खड़ा हो गया।

डीएमआरसी की सफाई और कार्रवाई

डीएमआरसी ने स्पष्ट किया कि मेट्रो में दिखाए जाने वाले विज्ञापन थर्ड पार्टी एजेंसियों के माध्यम से आते हैं, और यह विज्ञापन भी उन्हीं के जरिए लगाया गया था। हालांकि, अब इसे हटाने का आदेश दे दिया गया है और संबंधित एजेंसी के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन की मॉनिटरिंग कितनी जरूरी है। भविष्य में, DMRC को विज्ञापन देने से पहले उनकी पूरी जांच करनी होगी ताकि इस तरह के विवादों से बचा जा सके।

Related articles

Recent articles

Language Switcher