बिहार में नीतीश सरकार का कैबिनेट विस्तार: बीजेपी के 7 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ
बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने बीजेपी के 7 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव भी उपस्थित थे। बिहार में भाजपा कोटे से सात मंत्रियों का शपथ ग्रहण पूरा हो गया है। भाजपा के सरावगी, जीवेश और सुनील कुमार समेत सात मंत्रियों ने शपथ ले ली है।
बिहार में संजय सरावगी ने सबसे पहले मैथिली भाषा में शपथ ली। इसके बाद राज्यपाल ने डॉ सुनील कुमार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसी के साथ बिहार में 36 मंत्रियों का कोटा भी पूरा हो गया है। खास बात यह है कि विधानसभा चुनाव से पहले किए गए मंत्रिमंडल विस्तार में जदयू के एक भी विधायक को मंत्री पद नहीं मिला।
दिलीप जायसवाल ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा
दूसरी ओर, बिहार के राजस्व मंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जयसवाल ने पार्टी की ‘एक व्यक्ति, एक पद’ नीति का हवाला देते हुए अपने मंत्री पद से इस्तीफे की घोषणा की है। जयसवाल ने बताया, “मैं राजस्व मंत्री के पद से इस्तीफा देने जा रहा हूं। ‘एक व्यक्ति, एक पद’ वह सिद्धांत है जिस पर पार्टी काम करती है। मैं आभारी हूं कि केंद्रीय नेतृत्व ने मुझे पार्टी की राज्य इकाई की जिम्मेदारी दी है।
जायसवाल को 18 जनवरी को भाजपा का बिहार प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
नए मंत्रियों की सूची:
- संजय सरावगी (दरभंगा):** मैथिली भाषा में शपथ ली।
- सुनील कुमार (नालंदा):** बिहार शरीफ से विधायक।
- जीवेश मिश्रा (दरभंगा):** जाले से विधायक, मैथिली में शपथ ली।
- कृष्ण कुमार मंटू (सारण):** अमनौर से विधायक।
- विजय मंडल (अररिया):** सिकटी से विधायक।
- राजू सिंह (मुजफ्फरपुर):** साहेबगंज से विधायक।
- मोतीलाल प्रसाद (सीतामढ़ी):** रीगा से विधायक।
रणनीतिक उद्देश्य:
बीजेपी ने इस विस्तार के माध्यम से मिथिलांचल क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की योजना बनाई है। मिथिलांचल क्षेत्र में लगभग 50 विधानसभा सीटें हैं, और इन नए मंत्रियों के माध्यम से बीजेपी इस क्षेत्र में अपनी पकड़ को और सुदृढ़ करना चाहती है।
कैबिनेट विस्तार की पृष्ठभूमि:
इस विस्तार से पहले, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे 7 मंत्री पद रिक्त हो गए थे। इस रिक्तता को भरने के लिए नए मंत्रियों की नियुक्ति की गई है।
नीतीश कुमार के नेतृत्व में यह कैबिनेट विस्तार आगामी विधानसभा चुनावों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए मंत्रियों की नियुक्ति से सरकार विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों में अपनी पहुंच बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में कैबिनेट विस्तार हुआ है, जिसमें बीजेपी के 7 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इस विस्तार का उद्देश्य मिथिलांचल क्षेत्र में बीजेपी की स्थिति को मजबूत करना है।
कितने पढ़े-लिखे हैं नीतीश कैबिनेट के नए मंत्री?
सात नए मंत्रियों में दो कृष्ण कुमार मंटू और विजय कुमार मंडल 10वीं पास हैं। इसी तरह मोती लाल प्रसाद 12वीं पास हैं। डॉक्टर सुनील कुमार के पास एमबीबीएस की डिग्री है। संजय सरावगी और जिबेश कुमार स्नाकोत्तर हैं। वहीं, राजू सिंह ने पीएचडी की है।