दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष होंगी पूर्व CM आतिशी, AAP विधायक दल की बैठक में फैसला
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चुनी गईं। रविवार को पार्टी मुख्यालय में बुलाई गई आम आदमी पार्टी की विधायक दल की बैठक में पूर्व सीएम आतिशी को दिल्ली विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना गया। आतिशी ने दिल्ली के कालकाजी सीट से जीत दर्ज की है। दिल्ली की सभी 70 सीटों पर पांच फरवरी को मतदान हुआ था।
दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक दल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को विपक्ष की नेता चुने जाने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और सभी 22 विधायक उपस्थित थे।
दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र 24 फरवरी से शुरू हो रहा है, जो 27 फरवरी तक चलेगा। इस सत्र में नए विधायक शपथ लेंगे, और स्पीकर तथा डिप्टी स्पीकर का चुनाव होगा। भा.ज.पा. ने विजेंद्र गुप्ता को स्पीकर और मोहन सिंह बिष्ट को डिप्टी स्पीकर के रूप में नामित किया है।
आतिशी ने विपक्ष की नेता चुने जाने पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की जनता के हित में रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार से दिल्लीवालों से किए गए वादों को पूरा करवाने की जिम्मेदारी विपक्ष की होगी।
यह पहली बार है कि दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और नेता सदन दोनों पदों पर महिलाएं होंगी। भा.ज.पा. ने रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री के रूप में चुना है, जो दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री हैं।
इस निर्णय से दिल्ली की राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को दिल्ली विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना गया। यह फैसला रविवार को पार्टी मुख्यालय में हुई आम आदमी पार्टी विधायक दल की बैठक में लिया गया।
आप नेता गोपाल राय ने कहा, “आज विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि आतिशी दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता होंगी। चुनौतीपूर्ण समय में आतिशी ने सीएम के तौर पर दिल्ली की जनता की सेवा की है। आप एक स्वस्थ विपक्ष की जिम्मेदारी निभाएगी।”
CAG रिपोर्ट पर आप नेता आतिशी का बयान
दिल्ली विधानसभा में पेश होने वाली CAG रिपोर्ट पर आप नेता आतिशी ने कहा, “मैंने बतौर सीएम दिल्ली विधानसभा के स्पीकर को CAG रिपोर्ट भेजी थी। ये CAG रिपोर्ट चुनाव से पहले सीलबंद लिफाफे में विधानसभा भेजी गई थी। बीजेपी यह भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है कि CAG रिपोर्ट उनकी तरफ से पेश की जा रही है। दिल्ली की जनता में फैलाई जा रही भ्रांति को जनता के सामने लाया जाना चाहिए।”