प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी जन सुराज: बिहार की राजनीति में नया मोड़
प्रशांत किशोर, जो पहले चुनावी रणनीतिकार के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं, ने 2 अक्टूबर 2024 को बिहार में अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘जन सुराज’ की स्थापना की। इस पार्टी का उद्देश्य बिहार में समृद्धि और विकास की दिशा में काम करना है।
प्रशांत किशोर: एक राजनीतिक रणनीतिकार से जन सुराज के नेता तक की यात्रा
प्रशांत किशोर, जिनका नाम भारतीय राजनीति में एक प्रमुख रणनीतिकार के रूप में जाना जाता है, ने अपनी यात्रा की शुरुआत एक सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के रूप में की थी। बिहार के सासाराम जिले के कोनार गाँव में जन्मे प्रशांत ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बक्सर में पूरी की। इसके बाद, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और फिर सार्वजनिक स्वास्थ्य में मास्टर डिग्री के लिए कनाडा के मैकमास्टर विश्वविद्यालय में दाखिला लिया।
संयुक्त राष्ट्र में कार्यकाल:
प्रशांत किशोर ने संयुक्त राष्ट्र के लिए आठ वर्षों तक काम किया, जहाँ उन्होंने विभिन्न देशों में स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन किया। इस अनुभव ने उन्हें वैश्विक स्तर पर नीति निर्धारण और रणनीति निर्माण की गहरी समझ प्रदान की।
राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में प्रवेश:
2011 में, प्रशांत किशोर ने भारतीय राजनीति में कदम रखा और नरेंद्र मोदी के लिए गुजरात विधानसभा चुनावों में रणनीतिक सलाहकार के रूप में काम किया। उनकी रणनीति ने मोदी की तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद, उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के लिए भी रणनीति बनाई, जिससे पार्टी को पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ।
जन सुराज यात्रा:
2018 में, प्रशांत किशोर ने ‘सिटिजन्स फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस’ (CAG) नामक एक संगठन की स्थापना की, जिसका उद्देश्य नागरिकों को जवाबदेह शासन के लिए जागरूक करना था। इसके बाद, 2022 में उन्होंने बिहार में ‘जन सुराज’ यात्रा शुरू की, जिसका उद्देश्य राज्य की जनता से सीधे संवाद करना और उनकी समस्याओं को समझना था। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा किया और लोगों से उनकी समस्याओं पर चर्चा की।
जन सुराज पार्टी की स्थापना:
2 अक्टूबर 2024 को, महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर, प्रशांत किशोर ने ‘जन सुराज’ पार्टी की औपचारिक घोषणा की। इस पार्टी का उद्देश्य बिहार में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता की भागीदारी को बढ़ावा देना है। पार्टी के पहले कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में मनोज भारती को नियुक्त किया गया है, जो मधुबनी जिले के दलित समुदाय से आते हैं।
पार्टी की संरचना और नेतृत्व:
जन सुराज पार्टी के पहले कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में मनोज भारती को नियुक्त किया गया है, जो मधुबनी जिले के दलित समुदाय से आते हैं। पार्टी के झंडे में महात्मा गांधी और भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें शामिल हैं, जो सामाजिक न्याय और समानता के प्रतीक हैं।
पार्टी की नीतियाँ और दृष्टिकोण:
जन सुराज पार्टी का संविधान पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता की भागीदारी पर आधारित है। पार्टी में अध्यक्ष का कार्यकाल एक वर्ष का होगा, और नेतृत्व परिषद का कार्यकाल दो वर्ष का होगा। उम्मीदवारों का चयन जनता द्वारा किया जाएगा, और यदि चुने गए प्रतिनिधि जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरते, तो उन्हें ‘राइट टू रिकॉल’ के तहत हटाया जा सकेगा।
चुनावों में प्रदर्शन:
जन सुराज पार्टी ने नवंबर 2024 में बिहार की चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव लड़ा, लेकिन सभी उम्मीदवार हार गए। इस पहले चुनावी प्रदर्शन में पार्टी को निराशाजनक परिणाम मिले।
जन सुराज पार्टी की बिहार उपचुनाव 2024 में प्रदर्शन
नवंबर 2024 में बिहार की चार विधानसभा सीटों—रामगढ़, तरारी, बेलागंज और इमामगंज—पर हुए उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने अपने उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि, पार्टी को इन उपचुनावों में सफलता नहीं मिली, और सभी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा।
उपचुनाव परिणाम:
- रामगढ़: यह सीट भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के उम्मीदवार अशोक कुमार सिंह ने जीती। जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार सुशील कुमार सिंह को 6,513 वोट मिले, जो चौथे स्थान पर रहे।
- तरारी: भा.ज.पा. के उम्मीदवार विशाल प्रशांत ने जीत दर्ज की। जन सुराज पार्टी की उम्मीदवार किरण सिंह को 5,622 वोट मिले, जो तीसरे स्थान पर रहे।
- बेलागंज: यह सीट राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार विश्वनाथ यादव ने जीती। जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार मोहम्मद अमजद को 17,000 से अधिक वोट मिले, जो तीसरे स्थान पर रहे।
- इमामगंज: यह सीट हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) की उम्मीदवार दीपा मांझी ने जीती। जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार जितेंद्र पासवान को 37,103 वोट मिले, जो तीसरे स्थान पर रहे।
प्रशांत किशोर की प्रतिक्रिया:
प्रशांत किशोर ने उपचुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उपचुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों को बधाई दी। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार और भा.ज.पा. की सरकार के समर्थन में लोगों ने वोट दिया है, और राज्य में जो सरकार चल रही है, जनता को उसमें विश्वास है। उन्होंने यह भी कहा कि जन सुराज पार्टी के प्रयासों को आगे बढ़ाते रहेंगे।
जन सुराज पार्टी के लिए ये उपचुनाव चुनौतीपूर्ण रहे, और पार्टी को सभी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, पार्टी ने इमामगंज सीट पर तीसरे स्थान पर अच्छा प्रदर्शन किया, जहां उम्मीदवार जितेंद्र पासवान को 37,103 वोट मिले। आने वाले समय में पार्टी को अपनी रणनीतियों और संगठनात्मक संरचना पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता होगी, ताकि आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।
वर्तमान स्थिति और आलोचनाएँ:
जन सुराज पार्टी की फंडिंग को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) के नेताओं ने सवाल उठाए हैं। नीरज कुमार और अजीत पटेल ने आरोप लगाया है कि पार्टी को कहीं से डायरेक्ट फंडिंग नहीं मिल रही है, और यह जांच का मामला है।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उम्मीदवारों के चयन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। पार्टी ने इच्छुक उम्मीदवारों से 11 मार्च 2025 तक आवेदन करने की अपील की है। उम्मीदवारों का चयन चार स्तरों पर मूल्यांकन के बाद किया जाएगा।
उम्मीदवारों के चयन के लिए चार स्तरों पर मूल्यांकन:
जन सुराज पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन के लिए चार स्तरों पर मूल्यांकन प्रक्रिया निर्धारित की है:
- स्थानीय स्तर पर मूल्यांकन: उम्मीदवारों का मूल्यांकन उनके विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय लोगों और पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
- जिला और अनुमंडल स्तर पर मूल्यांकन: इसके बाद, जिला और अनुमंडल स्तर पर उम्मीदवारों की क्षमता और प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा।
- केंद्रीय चुनाव समिति की समीक्षा: 11 सदस्यीय केंद्रीय चुनाव समिति जिलों से आए नामों पर विचार करेगी और उपयुक्त उम्मीदवारों की सूची तैयार करेगी।
- पार्टी नेतृत्व की स्वीकृति: अंतिम रूप से, पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उम्मीदवारों की सूची को स्वीकृति प्रदान करेगा।
उम्मीदवारों के चयन के लिए 10 मापदंड:
उम्मीदवारों के चयन के लिए जन सुराज पार्टी ने 10 मापदंड निर्धारित किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- सामाजिक छवि: उम्मीदवार की सामाजिक प्रतिष्ठा और छवि।
- राजनीतिक अनुभव: चुनाव लड़ने और राजनीतिक संगठन चलाने का अनुभव।
- स्थानीय स्वीकार्यता: विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदवार की स्वीकार्यता।
- पार्टी के प्रति वफादारी: पार्टी के प्रति उम्मीदवार की निष्ठा और समर्पण।
- चुनाव प्रचार क्षमता: चुनाव प्रचार की रणनीति और कार्यकर्ताओं की टीम का निर्माण।
- विकास की समझ: विधानसभा क्षेत्र के विकास की समझ और दृष्टिकोण।
- सोशल मीडिया प्रभाव: सोशल मीडिया पर उम्मीदवार की सक्रियता और फॉलोअर्स की संख्या।
- आर्थिक स्थिति: उम्मीदवार की आर्थिक स्थिति और संसाधनों की उपलब्धता।
- समाज सेवा: समाज सेवा के प्रति उम्मीदवार की प्रतिबद्धता।
- नेतृत्व क्षमता: नेतृत्व की क्षमता और टीम के साथ काम करने की योग्यता।
आवेदन प्रक्रिया:
इच्छुक उम्मीदवार 11 मार्च 2025 तक जन सुराज पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट या पार्टी कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन पत्र भरकर निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित स्थानों पर जमा करना होगा।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया है। चार स्तरों पर मूल्यांकन और 10 मापदंडों के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा, जिससे योग्य और समर्पित नेताओं का चयन सुनिश्चित होगा।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी बिहार की राजनीति में एक नई पहल है, जो पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता की भागीदारी पर जोर देती है। हालांकि, पार्टी को अपने पहले चुनावी प्रदर्शन में असफलता मिली है, और फंडिंग को लेकर आलोचनाएँ भी सामने आई हैं। आने वाले समय में पार्टी की नीतियाँ और कार्यप्रणाली बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
प्रशांत किशोर की यात्रा एक सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से लेकर एक प्रमुख राजनीतिक रणनीतिकार और अब एक राजनीतिक नेता तक की रही है। उनकी रणनीतियाँ और नीतियाँ भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण बदलावों का कारण बनी हैं। आने वाले समय में, उनकी ‘जन सुराज’ पार्टी बिहार की राजनीति में एक नई दिशा प्रदान कर सकती है।