Gold Rate: सोने की कीमत में ऐतिहासिक उछाल! क्या जल्द ₹1 लाख के पार जाएगा सोना?

Vikash Kumar
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Vikash Kumar is an Expert of Indian Politics, Sports & Stock Market with News Rival

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हाल ही में सोने की कीमतों में तेज़ी से वृद्धि देखी गई है, जिससे यह पहली बार ₹85,000 प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया है। 10 फरवरी 2025 को इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम ₹669 बढ़कर ₹85,368 हो गया है।

हाल ही में सोने की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिससे निवेशकों के बीच इसके भविष्य को लेकर उत्सुकता बढ़ी है। 10 फरवरी 2025 को, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का मूल्य ₹85,368 तक पहुंच गया, जो अब तक का उच्चतम स्तर है।

सोने की कीमतों का इतिहास उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, जो विभिन्न आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक कारकों से प्रभावित होता रहा है।

प्रमुख ऐतिहासिक मूल्य बिंदु:

  • 1947: भारत की स्वतंत्रता के समय, 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग ₹88.62 थी।
  • 1964: सोने की कीमत में गिरावट आई और यह ₹63.25 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई।
  • 1980 का दशक: इस दशक में सोने की कीमतों में लगातार वृद्धि देखी गई। 1981 में यह ₹1,800 प्रति 10 ग्राम थी, जो 1989 तक ₹3,140 तक पहुंच गई।
  • 1990 का दशक: 1991 में सोने की कीमत ₹3,466 थी, जो 1999 तक बढ़कर ₹4,234 हो गई।
  • 2000 का दशक: इस दशक में सोने की कीमतों में तेज़ी से वृद्धि हुई। 2001 में यह ₹4,300 थी, जो 2010 तक ₹18,500 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई।
  • 2011: सोने की कीमत ₹26,400 प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।
  • 2024: अक्टूबर 2024 में, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹7,761.3 प्रति ग्राम (₹77,613 प्रति 10 ग्राम) थी।

कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण:

सोने की कीमतों में बदलाव के पीछे कई कारक होते हैं, जैसे:

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग और आपूर्ति: वैश्विक स्तर पर सोने की मांग और उपलब्धता कीमतों को प्रभावित करती है।
  • मुद्रास्फीति: महंगाई बढ़ने पर निवेशक सोने में निवेश को सुरक्षित मानते हैं, जिससे इसकी मांग बढ़ती है।
  • भू-राजनीतिक घटनाएँ: युद्ध, राजनीतिक अस्थिरता जैसी घटनाओं के दौरान सोने की कीमतों में वृद्धि देखी जाती है।
  • मुद्रा विनिमय दरें: डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में बदलाव से सोने की कीमत प्रभावित होती है।

कीमतों में वृद्धि के प्रमुख कारण:

  1. भू-राजनीतिक तनाव: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने की मांग बढ़ी है।
  2. डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी: रुपये की कमजोरी के कारण आयातित वस्तुओं की कीमत बढ़ती है, जिससे सोना महंगा हो जाता है।
  3. महंगाई दर में वृद्धि: महंगाई बढ़ने से लोग अपने निवेश को सुरक्षित रखने के लिए सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं।
  4. शेयर बाजार में अस्थिरता: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक सोने में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।

भविष्य की संभावनाएँ:

  • कीमतों में वृद्धि की उम्मीद: विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2025 के अंत तक सोने की कीमतें ₹90,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं।
  • दीर्घकालिक दृष्टिकोण: कुछ विश्लेषकों का मानना है कि दिवाली 2025 तक सोने की कीमतें ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम के पार जा सकती हैं।

प्रमुख प्रभावकारी कारक:

  1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में आर्थिक अस्थिरता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने की मांग बढ़ रही है।
  2. ब्याज दरों में संभावित कटौती और मुद्रास्फीति में वृद्धि से सोने की कीमतों को समर्थन मिल सकता है।
  3. विश्वभर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण भी सोने की मांग में वृद्धि हो रही है।

शेयर बाजार के माध्यम से सोने में निवेश के प्रमुख तरीके:

  1. गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (Gold ETFs): गोल्ड ईटीएफ म्यूचुअल फंड की स्कीम हैं, जो स्टॉक एक्सचेंजों पर खरीदी और बेची जाती हैं। इनमें निवेश करने के लिए डीमैट खाते की आवश्यकता होती है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने से भौतिक सोने की सुरक्षा और शुद्धता की चिंता नहीं रहती।
  2. गोल्ड म्यूचुअल फंड्स: ये फंड्स गोल्ड ईटीएफ में निवेश करते हैं और इनके लिए डीमैट खाते की आवश्यकता नहीं होती। यदि आप सोने के बारे में अधिक ज्ञान नहीं रखते, तो यह एक सरल विकल्प हो सकता है।
  3. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (SGBs): भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए ये बॉन्ड भौतिक सोने का एक विकल्प हैं। इनका कार्यकाल आठ वर्ष का होता है, और निवेशकों को प्रारंभिक निवेश पर 2.5% वार्षिक ब्याज भी मिलता है।

सोने में निवेश के लाभ:

  • मुद्रास्फीति से बचाव: सोना मुद्रास्फीति के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, क्योंकि इसकी कीमत समय के साथ बढ़ती है।
  • पोर्टफोलियो में विविधता: सोने में निवेश से आपके निवेश पोर्टफोलियो में विविधता आती है, जिससे जोखिम कम होता है।
  • तरलता: गोल्ड ईटीएफ और गोल्ड म्यूचुअल फंड्स को आसानी से खरीदा और बेचा जा सकता है, जिससे निवेश तरल रहता है।

वर्तमान बाजार परिदृश्य:

हाल ही में, सोने की कीमतों में तेजी देखी गई है। 1 जनवरी 2024 को 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹63,000 प्रति 10 ग्राम थी, जो अब बढ़कर ₹75,000 हो गई है, यानी लगभग 19% की वृद्धि।

निवेशकों के लिए सलाह:

विशेषज्ञों के अनुसार, सोना निवेश के लिए एक सुरक्षित विकल्प बना हुआ है। संवत 2081 में सोने से 15-18% रिटर्न की उम्मीद की जा रही है।

निवेशकों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे सोने के बाजार पर नजर रखें और अपने निवेश निर्णयों में सतर्कता बरतें।

निवेश से पहले, अपनी वित्तीय स्थिति, निवेश उद्देश्यों और जोखिम सहनशीलता का मूल्यांकन करना महत्वपूर्ण है। विभिन्न निवेश विकल्पों की समझ और विशेषज्ञों की सलाह से आप सोने में निवेश के सर्वोत्तम तरीकों का चयन कर सकते हैं।

भविष्यवाणियाँ:

विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष के अंत तक सोने की कीमतें ₹90,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं।समय के साथ, सोने की कीमतों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं, जो विभिन्न वैश्विक और स्थानीय कारकों से प्रभावित होते रहे हैं।

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