खनौरी और शंभू बॉर्डर पर किसानों और पुलिस के बीच तनातनी जारी है। प्रदर्शनकारियों से पुलिस लगातार सड़कों से हटने की अपील कर रही है। बात न मानने वाले किसानों को हिरासत में लिया जा रहा है। वहीं पुलिस सड़कों पर लगे रैन बसेरों और ट्रॉलियों को जेसीबी द्वारा हटाने में जुटी है। बॉर्डर पर हो रही कार्रवाई का अपडेट जानने के लिए जुड़े रहें।
पंजाब में किसानों का विरोध प्रदर्शन आज एक नए मोड़ पर पहुंच गया, जब पंजाब पुलिस ने शंभू और खानाुरी बॉर्डर पर बुलडोज़र का उपयोग करके किसानों द्वारा लगाए गए अस्थायी ढांचे और मंचों को हटा दिया। इस कार्रवाई के दौरान प्रमुख किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल, जो पिछले नवंबर से अनशन पर थे, और किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर सहित 200 से अधिक किसानों को हिरासत में लिया गया।
पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह कार्रवाई राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए आवश्यक थी, क्योंकि लंबे समय से बंद पड़े बॉर्डर व्यापार और रोजगार में बाधा डाल रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी मांगों के लिए दिल्ली या अन्य स्थानों पर प्रदर्शन करना चाहिए, क्योंकि उनकी अधिकांश मांगें केंद्रीय सरकार से संबंधित हैं।
पुलिस कार्रवाई के बाद, शंभू और खानाुरी बॉर्डर पर यातायात बहाल कर दिया गया है, जिससे स्थानीय व्यापार और आम जनता को राहत मिली है। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद इन क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
किसान नेताओं की गिरफ्तारी और इंटरनेट बंदी के खिलाफ विभिन्न किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन तेज़ करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसान संगठनों ने सरकार से अपील की है कि वे उनके साथ संवाद स्थापित करें और उनकी समस्याओं का समाधान करें।
पंजाब में खनौरी बॉर्डर (Khanauri Border) पर पुलिस और किसानों के बीच तनातनी जारी है। वहीं, शंभू बॉर्डर (Shambhu Border) पर भी सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद है। इस बीच पुलिस ने कई बड़े किसान नेताओं को हिरासत में लिया है। आज दोपहर मोहाली में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंढेर (Sarwan Singh Pandher) को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद से ही किसान और जवान अलर्ट हो गए। वहीं, पुलिस द्वारा खनौरी और शंभू बॉर्डर से प्रदर्शनकारियों को हटाया जा रहा है। किसानों के तंबू और ट्रॉली आदि को भी हटा दिया गया है। खनौरी-शंभू बॉर्डर पर हो रही कार्रवाई का यहां आप अपडेट जान सकते हैं।
एम्बुलेंस, बसें और अग्निशमन व दंगा-रौधी वाहन तैनात
किसानों ने कहा कि विरोध स्थलों के पास एम्बुलेंस, बसें, अग्निशमन और दंगा-रोधी वाहन तैनात किए गए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी किसान पिछले साल 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू (शंभू-अंबाला) और खनौरी (संगरूर-जींद) सीमा बिंदुओं पर डेरा डाले हुए हैं।
आज खोल दिया जाएगा बॉर्डर: SSP नानक सिंह
पंजाब-हरियाणा शंभू बॉर्डर पर पुलिस की कार्रवाई पर पटियाला के SSP नानक सिंह ने कहा, किसान लंबे समय से शंभू बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। आज ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने उन्हें उचित चेतावनी देने के बाद इलाके को खाली करा दिया। कुछ लोगों ने घर जाने की इच्छा जताई। इसलिए उन्हें बस में बैठाकर घर भेज दिया गया। इसके अलावा, यहां के ढांचे और वाहनों को हटाया जा रहा है।
डीआईजी पटियाला रेंज मनदीप सिंह ने बॉर्डर से किसानों से हटने की अपील की है। मनदीप सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि माताओं, हमें उम्र भर किसानों पर किसी प्रकार का एक्शन लेने के लिए विवश न करें। मनदीप सिंह ने कहा कि 101 फीसदी खनौरी बॉर्डर से आज प्रदर्शनकारियों को हटा दिया जाएगा। किसी भी प्रकार से टकराव की स्थिति में न पड़े। सरकार का आदेश है कि रास्ते को साफ करवाया जाए, जिसके चलते हाथ जोड़कर सभी से अपील है कि किसान खुद ही मोर्चे को समाप्त कर दें, अन्यथा पुलिस कड़ा एक्शन लेगी। किसी को भी शांति भंग नहीं करने की जाएगी
यह घटनाक्रम पंजाब में किसानों के आंदोलन की बढ़ती जटिलताओं को दर्शाता है, जहां एक ओर सरकार विकास और आर्थिक गतिविधियों की बहाली की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसान अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
पंजाब में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान शंभू और खानाुरी बॉर्डर पर पुलिस ने बुलडोज़र का उपयोग करके अस्थायी ढांचे हटाए। इस कार्रवाई में प्रमुख किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंधेर सहित 200 से अधिक किसानों को हिरासत में लिया गया।