प्रशांत किशोर, जन सुराज पार्टी के प्रमुख, इस वर्ष होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने की योजना बना रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के खिलाफ राघोपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनने की इच्छा जताई है।
जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) में सफलता मिली तो अगले दस सालों में बिहार को अग्रणी राज्यों में लाया जाएगा। इसके लिए पार्टी ने ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है।
वहीं, चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय हुआ तो राघोपुर से चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि राघोपुर तेजस्वी यादव की सीट है। अगर प्रशांत किशोर ने तेजस्वी के खिलाफ उतरने का एलान किया तो बिहार में सियासी भूचाल आना तय है!
प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर जन सुराज की सरकार बनी तो सरकारी विद्यालयों की स्थिति सुधारेंगे। जबतक सरकारी विद्यालयों के हालात नहीं सुधरेंगे लोगों को अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में पढ़ाने की सुविधा दी जाएगी। तबतक निजी विद्यालयों का फीस उनकी सरकार वहन करेगी।
किशोर ने हाल ही में कहा था कि वे तेजस्वी यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं, जो राघोपुर से विधायक हैं। यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि प्रशांत किशोर की चुनावी रणनीतियों और तेजस्वी यादव की बढ़ती लोकप्रियता के बीच यह मुकाबला दिलचस्प होगा।
पीके ने कहा, जन सुराज की सरकार बनी तो तत्काल शराबबंदी कानून को खत्म कर दिया जाएगा। शराबबंदी कानून से जनता का भला नहीं हो रहा है। उल्टा गरीब लोग जेल भेजे जा रहे हैं। अवैध रूप से शराब की तस्करी की जा रही है।
प्रशांत किशोर ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत चुनावी रणनीतिकार के रूप में की थी और कई महत्वपूर्ण चुनावों में अपनी सेवाएं दी हैं। हालांकि, उन्होंने हाल के वर्षों में अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई है और बिहार की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
तेजस्वी यादव, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बेटे, वर्तमान में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। उनकी युवा नेतृत्व क्षमता और विपक्षी एकता की कोशिशों ने उन्हें राज्य में एक प्रमुख राजनीतिक figura बना दिया है।
बिहार में भूमि सर्वेक्षण रुकना चाहिए’
बेतिया राज की जमीन को लेकर पार्टी में चर्चा चल रही है। अधिग्रहण कानून सही नहीं है। प्रभावित लोगों को साथ लेकर जल्द ही आगे की रणनीति तय करेंगे। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि भूमि सर्वेक्षण रुकना चाहिए। इसकी जगह पर भूमि सुधार कानून लाना चाहिए।
यदि प्रशांत किशोर राघोपुर से चुनाव लड़ते हैं, तो यह मुकाबला बिहार की राजनीति में नए समीकरण और चर्चाओं का कारण बनेगा। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनावी लड़ाई से राज्य की राजनीति में नए मोड़ आ सकते हैं।
प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव के खिलाफ राघोपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है, जिससे बिहार की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।