प्रयागराज महाकुंभ में नाविक परिवार की अभूतपूर्व सफलता: 45 दिनों में 30 करोड़ रुपये की कमाई,विधानसभा में CM योगी ने बताया

Vikash Kumar
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महाकुंभ अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता के लिए चर्चित रहा है, लेकिन इस बार नाविकों की सफलता की कहानी भी सामने आई है। 20 हजार से अधिक नाविकों ने संगम में श्रद्धालुओं को पुण्य की डुबकी लगवा कर न केवल अपने परिवारों का भरण-पोषण किया, बल्कि कई परिवारों ने आर्थिक समृद्धि की कहानी भी लिखी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान एक नाविक परिवार की सफलता की कहानी साझा की, जिसने प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेले के 45 दिनों में 30 करोड़ रुपये की शुद्ध आय अर्जित की।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महाकुंभ के आयोजन ने न केवल धार्मिक महत्व बढ़ाया, बल्कि रोजगार के अवसर भी प्रदान किए। 3,500 से अधिक नावों के संचालन में जो डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं को संगम में स्नान कराया गया, वह ऐतिहासिक है।

नाविक परिवार की कहानी:

प्रयागराज के अरेल क्षेत्र में स्थित इस नाविक परिवार के पास कुल 130 नावें थीं। महाकुंभ के दौरान, इन नावों ने तीर्थयात्रियों को गंगा स्नान के लिए ले जाने का कार्य किया। परिवार के अनुसार, प्रति नाव 45 दिनों में लगभग 23 लाख रुपये की कमाई हुई, जिससे प्रति दिन लगभग 50 से 52 हजार रुपये की आय हुई। हालांकि, परिवार ने कुल कमाई के आंकड़े की पुष्टि करने से मना किया है।

सीएम योगी का बयान:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानमंडल में इस उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा, “महाकुंभ के आयोजन से न केवल आध्यात्मिक उन्नति हुई, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी प्रदेश को साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का लाभ हुआ।” उन्होंने समाजवादी पार्टी द्वारा नाविकों के शोषण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक आए, जिनमें से आधी संख्या महिलाओं की थी।

वैश्विक मान्यता:

महाकुंभ के आयोजन की विश्वभर में सराहना हुई। बीबीसी ने इसे “मानवता का सबसे बड़ा समागम” बताया, जबकि वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इसे अमेरिका की कुल आबादी से भी अधिक लोगों की उपस्थिति वाला आयोजन कहा। सीएनएन ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समागम करार दिया।

आर्थिक प्रभाव:

महाकुंभ ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाला। होटल उद्योग को लगभग 40,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि खाने-पीने, परिवहन, पूजन सामग्री और दान आदि से भी महत्वपूर्ण आय हुई। कुल मिलाकर, महाकुंभ आयोजन से प्रदेश को लगभग 3.96 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक समृद्धि मिली।

मुख्यमंत्री का संदेश:

सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ का सफल आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता को दर्शाता है। उन्होंने विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यह आयोजन सभी के लिए गर्व का विषय है, जो भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित करता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन:

प्रयागराज महाकुंभ में एक नाविक परिवार की सफलता की कहानी, जिसने 45 दिनों में 30 करोड़ रुपये की कमाई की, और सीएम योगी आदित्यनाथ के विधानमंडल में दिए गए संबोधन में बताया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में महाकुंभ के दौरान नाविकों की भूमिका को लेकर विपक्ष के सभी आरोपों को न केवल नकार दिया बल्कि उदाहरण के साथ स्पष्ट किया कि सरकार ने कभी भी उनका शोषण नहीं किया है।उदाहरण देते हुए कहा, “एक नाविक परिवार के पास 130 नावें थीं और 45 दिनों की अवधि में उस परिवार ने 30 करोड़ रुपये की शुद्ध कमाई की। यानी एक नाव ने 45 दिनों में 23 लाख रुपये की कमाई की, जो इस मेले के रोजगार आधारित आय के बढ़ने का स्पष्ट उदाहरण है।”

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