शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: 28 साल पुराना रिकॉर्ड टूटने के कगार पर

Mayank Singh
Mayank Singh
Team - News Rival

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भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट जारी है, जिससे कई पुराने रिकॉर्ड टूटने की संभावना बढ़ गई है। साल 1996 के बाद पहली बार बाजार इतनी लंबी गिरावट की ओर बढ़ रहा है।

क्यों गिर रहा है शेयर बाजार?

शेयर बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की जबरदस्त बिकवाली के कारण हो रही है। कमजोर रुपये और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से दूरी बना रहे हैं। अक्टूबर 2024 से अब तक FIIs ने 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेच डाले हैं, जिससे बाजार पर भारी दबाव बना हुआ है।

28 साल बाद फिर टूट सकता है रिकॉर्ड

अगर यह गिरावट फरवरी में भी जारी रहती है, तो 28 साल में यह पहली बार होगा जब बाजार लगातार पांच महीनों तक गिरावट दर्ज करेगा। इससे पहले, 1996 में जुलाई से नवंबर के बीच निफ्टी में 26% की गिरावट देखी गई थी। वहीं, सबसे लंबी गिरावट सितंबर 1994 से अप्रैल 1995 तक चली थी, जब बाजार 31.4% तक टूट गया था

निफ्टी के लिए कौन-सा स्तर अहम?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि निफ्टी 22,850 के स्तर से नीचे बना रहता है, तो आगे और गिरावट आ सकती है। निकट भविष्य में यह 22,500-22,400 के स्तर तक गिर सकता है

Geojit Financial Services के चीफ स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि FIIs की बिकवाली, ट्रंप के टैरिफ और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण भारतीय बाजार दबाव में है। इसके अलावा, चीनी शेयर बाजार में आई मजबूती भी भारतीय बाजार के लिए चुनौती बन रही है।

मार्केट कैप में भारी गिरावट

बीते कुछ महीनों में भारतीय शेयर बाजार के कुल मार्केट कैप में 1 ट्रिलियन डॉलर की गिरावट आई है, जबकि इसी दौरान चीन के बाजार का मार्केट कैप 2 ट्रिलियन डॉलर बढ़ा है। इससे पता चलता है कि निवेशक भारत के बजाय चीन के शेयर बाजार को प्राथमिकता दे रहे हैं।

क्या आगे भी जारी रहेगी गिरावट?

यदि विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहती है और रुपये में कमजोरी बनी रहती है, तो बाजार में और गिरावट आ सकती है। हालांकि, लंबे समय के निवेशकों के लिए यह एक मौका भी हो सकता है क्योंकि बाजार में गिरावट के बाद बेहतर रिटर्न की संभावना बढ़ जाती है

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