शक्तिकांत दास बने प्रधानमंत्री मोदी के प्रमुख सचिव:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास को प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव-2 के रूप में नियुक्त किया है। यह नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा मंजूर की गई है, और उनका कार्यकाल प्रधानमंत्री के कार्यकाल तक या अगले आदेश तक रहेगा।
शक्तिकांत दास का परिचय:
- शिक्षा: शक्तिकांत दास का जन्म 1957 में ओडिशा में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने ब्रिटेन के बर्मिंघम विश्वविद्यालय से लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर की उपाधि भी हासिल की।
- प्रशासनिक सेवा: 1980 बैच के तमिलनाडु कैडर के आईएएस अधिकारी, दास ने भारतीय प्रशासनिक सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उन्होंने वाणिज्यिक कर आयुक्त और उद्योग के प्रमुख सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।
- आर्थिक मामलों में योगदान: दास ने वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव और राजस्व सचिव के रूप में कार्य किया। उन्होंने नोटबंदी और GST जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक सुधारों में अहम भूमिका निभाई।
- आरबीआई गवर्नर: दिसंबर 2018 में, दास को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का 25वां गवर्नर नियुक्त किया गया। उनके नेतृत्व में, RBI ने वित्तीय स्थिरता बनाए रखने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने दी तैनाती को हरी झंडी
शक्तिकांत दास को प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधान सचिव-2 बनाए जाने के फैसले को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने शनिवार को हरी झंडी दिखा दी. समिति ने कहा,’प्रधानमंत्री के कार्यकाल या अगल आदेश, जो भी पहले हो, दास की नियुक्ति प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधान सचिव-2 के तौर पर रहेगी. वह प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव-1 डॉ. पीके मिश्रा के साथ काम करेंगे.
प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव:
अब, शक्तिकांत दास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव-2 के रूप में कार्य करेंगे। इस भूमिका में, उनकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री के साथ मिलकर आर्थिक नीतियों और योजनाओं को लागू करना, वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना और देश की आर्थिक प्रगति में योगदान देना होगा।
शक्तिकांत दास की नियुक्ति से यह स्पष्ट होता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें अपनी सरकार की आर्थिक नीतियों को सुदृढ़ करने और देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए चुना है।
नोटबंदी के फैसले के पीछे का ‘दिमाग’ रहे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए नवंबर, 2016 में अचानक देश में 500 और 1000 के नोट बंद कर दिए थे. इस नोटबंदी के पीछे का ‘दिमाग’ शक्तिकांत दास को ही माना जाता है, जो उस समय आर्थिक मामलों के केंद्रीय सचिव थे. इस पद पर वे 2017 तक रहे और फिर RBI गवर्नर नियुक्त कर दिए गए। शक्तिकांत दास को ब्याज दरों पर कंट्रोल, महंगाई से निपटने के फैसलों के लिए लगातार दो साल दुनिया का बेस्ट सेंट्रल बैंकर भी चुना गया. Global Finance Central Banker Report Cards को 1994 के बाद से हर साल जारी किया जाता है. इसमें करीब 100 देशों के केंद्रीय बैंकों के गवर्नर को काम के आधार पर ग्रेड दी जाती है. आरबीआई गवर्नर पद से हटने के बाद शक्तिकांत दास 15वें फाइनेंस कमीशन के मेंबर बनाए गए. साथ ही उन्हें भारत का जी20 शेरपा भी बनाया गया. इसके अलावा उन्होंने BRICS, IMF, SARK में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया.